बुधवार 28 अक्टूबर 2026 - 23:33
इस्लामी क्रांति के नेता का युवा विद्यार्थियों के नाम प्रेमभरा संदेश: भविष्य के निर्माण का हमारा साझा संकल्प

इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई ने ईरान भर के अनेक विद्यार्थियों द्वारा भेजे गए पत्रों के जवाब में एक संदेश जारी करते हुए कहा है, “मेरे प्यारे बच्चों! हम विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई ने पिछले कुछ महीनों के दौरान ईरान भर के अनेक विद्यार्थियों द्वारा भेजे गए पत्रों के जवाब में भविष्य के निर्माण के प्रति उनके संकल्प, इच्छाशक्ति और जिम्मेदारी की भावना को नेतृत्व और युवाओं के बीच ‘वचनबद्धता’ के रिश्ते का आधार बताया है। उन्होंने ज्ञान और आस्था, आत्मशुद्धि तथा ईश्वर से निकटता की शक्ति से स्वयं को सुसज्जित करने और ईरान की शक्ति एवं सामर्थ्य बढ़ाने के लिए दोगुनी मेहनत करने पर जोर दिया है।

इस्लामी क्रांति के नेता द्वारा विद्यार्थियों को भेजे गए जवाबी पत्र का पूरा पाठ इस प्रकार है:

बिस्मिहि तआला

मेरे प्यारे बच्चों!

अस्सलामु अलैकुम।

मैंने आपके प्रेम से भरे पत्र पढ़े। मैं आप युवा और संकल्पवान विद्यार्थियों के अपार प्रेम और स्नेह के लिए आपका आभारी हूँ। आप सभी ने मुझ पर जो अधिकार स्थापित किया है, उसे ध्यान में रखते हुए मैं विशेष रूप से आप सबके लिए दुआ करता रहूँगा।

आपके पत्रों और अनेक अन्य युवाओं तथा विद्यार्थियों के पत्रों में भी, जो इस तुच्छ व्यक्ति पर अपना प्रेम और स्नेह न्योछावर करते हैं, भविष्य के निर्माण के प्रति संकल्प, इच्छाशक्ति और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

यह दृढ़ संकल्प एक अनमोल अमानत है, जिसकी जड़ें इस्लाम-ए-नाब-ए-मुहम्मदी (स) की विचारधारा तथा महान इमाम खुमैनी और शहीद आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई (अल्लाह उनके दर्जे को बुलंद करे) की विरासत में गहराई तक समाई हुई हैं। यही वह रिश्ता है, जो हम सभी को आपसी वचनबद्धता के बंधन में जोड़ता है।

इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अपनी तमाम क्षमताओं का उपयोग करते हुए स्वयं को ज्ञान और आस्था, आत्मशुद्धि, ईश्वर से निकटता तथा कुरआन और अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं की गहरी जानकारी जैसे साधनों से सुसज्जित करें। इसके साथ ही, दोगुनी मेहनत, नवीनता और नवाचार के माध्यम से अपने महान ईरान की शक्ति एवं सामर्थ्य को बढ़ाएँ, ताकि हमारे कृपालु मौला (इमाम महदी अ.ज.) की दुआ से वचनबद्धता के इस बंधन में बँधे मुजाहिदीन की विकास और इस्लामी-ईरानी सभ्यता की बुलंदियों की ओर यात्रा, इंशाअल्लाह, और बेहतर तथा अधिक तेज गति से आगे बढ़ सके।

सय्यद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई

28 अक्टूबर 2026

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